स्त्री को अपना सेक्स चुनने की आजादी हमारे यहां नहीं है
साभार । अनुजा रस्तोगी ।तहलका
सेक्स को हमारे यहां हमेशा से ही वर्जित माना गया है। सेक्स पर बात करना। उसे जग-ज़ाहिर करना या आपस में साझा करना। हर कहीं सेक्स प्रतिबंधित है। सेक्स का जिक्र आते ही क्षणभर में हमारी सभ्यता-संस्कृति ख़तरे में पड़ जाती है। मुंह पर हाथ रखकर सेक्स की बात पर शर्म और गंदगी व्यक्त की जाती है। सेक्स को इस कदर घृणा की दृष्टि से देखा जाता है, मानो वो दुनिया की सबसे तुच्छ चीज हो।
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