देश-विदेश की सैकडों महिलायें जुटी कलश रचना में
24 हजार कलशों को धारण करेंगी पीत-वस्त्रधारी महिलायें
18 हजार अन्य प्रस्तुतियां भी होंगी आकर्षण का केन्द्र
उडन-खटोले से होगी जगह-जगह पुष्पों की वर्षा
हरिद्वार, 11अक्टूबर।आदि ग्रंथों में समुद्र मंथन से निकलने वाले रत्नों में अमृत कलश को प्रमुखता से व्याख्यातित किया गया है। जिसकी प्राप्ति के लिए विपरीत प्रवृत्तियों के देवासुर एकता के सूत्र में बंधे थे, ताकि अमृत पान करने का सौभाग्य उन्हें मिल सके। मान्यताओं के अनुसार अमृत पान से अमृतत्व की प्राप्ति होती है। इसी कारण वैदिक विधान में कलश की प्रमुखता रहती है।
