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साभार इ भड़ास4मीडिया
प्रभात खबर आजकल के ब्रांड गुरुओं और संपादकों के लिए नजीर है. कोई काम कैसे सुव्यवस्थित, तार्किक व जनपक्षधर तरीके से किया जाता है, वह सीखना-समझना हो तो प्रभात खबर को देखना चाहिए. याद रखिए, सब कुछ करने के बावजूद अगर आपके काम, अंदाज और नतीजे में जनपक्षधरता नहीं है
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