Related Posts with Thumbnails

Search/ खोज


MORE STORIES

माओवादी आंदोलन पर एक गंभीर फ़िल्म

फिल्म को रियल लोकेशन पर शूट किया गया है
साभार बीबीसी  भावना सोमाया, वरिष्ठ फ़िल्म समीक्षक
इस हफ़्ते दो फ़िल्में रिलीज़ हुई हैं- बोनी कपूर निर्मित, सतीश कौशिक निर्देशित 'मिलेंगे मिलेंगे' और टीपी अग्रवाल निर्मित, अनंत महादेवन निर्देशित रेड अलर्ट.रेल अलर्ट नक्सलवाद के मुद्दे को उठाती है- क्या वो आतंकवादी हैं या क्रांतिकारी हैं?

Read Full Story......

कला के नामपर स्क्रीन पर पूरे कपड़े उतार पर

कपड़े उतारने में अरुणा तनिक ना हिचकिचाई 
साभार  :भड़ास4मीडिया
नंगई की ये हैं कुछ तस्वीरें : 60 युवतियां ना कह चुकी थीं : फिल्मों का गजब मायाजाल होता है. यहां नंगई और नैतिकता, दोनों संग-संग जिंदाबाद रहते हैं. मायावी सुंदरियों के नखरे निराले. कोई सुंदरी किसी को छेड़छाड़ में फंसा दे, बिना छुवे, ईर्ष्या के मारे. कोई स्क्रीन पर भी पूरे कपड़े उतार दे, कला के नाम रे.

वे दिन गए जब सिम्मी ग्रेवाल (सिद्धार्थ और मेरा नाम जोकर), स्मिता पाटिल (चक्र, मंडी), रोहिणी हटंगड़ी (पार्टी), किट्टू गिडवानी (देहम्, हवाओं, खुजराहो), मीता वशिष्ठ (सिधेश्वरी), अनु अग्रवाल (द क्लाउड डोर), दीपा साही (माया मेमसाब) आदि भारतीय आभिनेत्रियो ने फिल्मों में अपने आत्म सम्मान के साथ अंग प्रदर्शन वाली  भूमिकाये निभाने की हिम्मत की थी. इंदिरा वर्मा (कामसूत्र), सीमा रहमानी (सिंस), नंदना सेन (रंग रसिया) आदि सभी अभिनेत्रियां रहती तो विदेश में में हैं लेकिन काम करती हैं बॉलीवुड में. यही नहीं, एक दशक से हिंदी फ़िल्म निर्माताओं को भी भारतीय मूल की इन विदेशी अभिनेत्रियों पर पूरा भरोसा है.

इसी क्रम में आज की एक नयी चर्चित अभिनेत्री हैं अरुणा शील्ड्स. जिन्होंने ''मिस्टर सिंह मिसेज मेहता'' फ़िल्म में अभिनय किया है. प्रवेश भारद्वाज, जिन्होंने लेखक व निर्देशक गुलजार और श्याम बेनेगल जैसे निर्देशकों से फिल्म निर्माण की कला सीखी है, जब अपनी पहली फिल्म ''मिस्टर सिंह मिसेज मेहता'' के लिए हीरोइनों की तलाश कर रहे थे तो उनकी इस फ़िल्म में न्यूड सीन की वजह से अरुणा शील्ड्स (ब्रिट एशियाई) से पहले 60 नायिकाओं ने इस भूमिका को करने से अस्वीकार कर दिया था.

फ़िल्म ''मिस्टर सिंह मिस्टर मेहता'' की कहानी है लन्दन में रहने वाले अश्विन मेहता (प्रशांत नारायणन) और नीरा सिंह (अरुणा शील्ड्स) की, जिन्हें लगता है कि उनके जीवन साथी का किसी दूसरे से सम्बन्ध है. शर्म और गुस्से में वो  दोनों भी एक दूसरे से दोस्ती कर लेते हैं. जबकि वो विश्वासघात कर रहे अपने जीवन साथी की समस्या को सुलझा नहीं पाते हैं.

"फिल्म में नीरा सिंह यानि अरुणा शील्ड्स ने एक पेंटिंग के लिए नग्न पोज दिया है. अरुणा द्वारा दिया गया फ़िल्म का यह सीन स्क्रिप्ट का अभिन्न अंग था, पहली ही मुझे ऐसी अभिनेत्री मिली, जिसने मेरी बात को देखा और समझा कि फिल्म में चित्रकला के लिए न्यूड सीन पटकथा का अभिन्न अंग था.'' ऐसा कहना है निर्देशक प्रवेश भारद्वाज का.

अरुणा शील्ड्स का कहना है." फ़िल्म में दिया गया यह सीन कोई वास्तविक नग्नता नहीं है, और ना ही नीरा को फ़िल्म में ऐसा पेश किया गया है. फ़िल्म का यह न्यूड सीन बहुत ही खूबसूरती से फिल्माया गया है. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि क्यों लोग इस सीन को लेकर इस तरह की अजीब सी बातें कर रहें हैं."

नग्नता को आज बॉलीवुड सिनेमा में परिभाषित किया जा रहा है. बिकनी पहने समुद्र से बाहर निकली नायिका, चुंबन करती हुई, बहुत कम कपड़े पहने, यूरोपीय सिनेमा की तरह. निर्देशक का कहना है कि बॉलीवुड कभी भी ''लास्ट टेंगो इन पेरिस'' जैसी फिल्म बनाने के का निर्णय लेता है, तब मुझे लगता है कि भारत के बाहर की अभिनेत्री को फ़िल्म में लेने के बारे सोचना होगा. लेकिन मुझे लगता है कि मेरी इस फ़िल्म की रिलीज़ के बाद भारतीय अभिनेत्रिया भी इस तरह की बोल्ड भूमिकायें करने में किसी भी तरह का संकोच नहीं करेगी."

Read Full Story......

राजनीति- मध्यप्रदेश में भी बिहार की कहानी

फिल्म- राजनीति 
निर्देशक प्रकाश झा
कलाकार- नसीरुद्दीन शाह, मनोज बाजपेयी, अजय देवगन, नाना पाटेकर, रणबीर कपूर, कैटरीना कैफ
साल की सबसे कमजोर फिल्मों की तरह खत्म होती है
राजनीति मनोरंजक है (आखिरी आधे घंटे को छोड़कर) लेकिन इसकी नीयत उतनी ही ठीक है, जितनी कैटरीना कैफ की हिन्दी. इसके सामाजिक सरोकार उतने ही आधुनिक हैं, जितना प्रचार के लिए राहुल गांधी की नकल करते हुए लोकल ट्रेन में घूमने वाले रणबीर के रहे होंगे. यह महाभारत का (या बकौल प्रकाश झा, उसके किरदारों का) आधुनिक संस्करण है लेकिन हिम्मती नहीं.

Read Full Story......
 
blog template by Media Watch : header image by Campus Watch