महाराष्ट्र में आगामी लोकसभा चुनावों के दौरान फर्जी मतदान रोकने के लिए एक नया सॉफ्टवेयर लाया जा सकता है । इसके जरिये मतदाता सूची बनाते समय फर्जी नामों को सूची से बाहर किया जा सकेगा ।
मुख्य चुनाव अधिकारी देबाशीष चक्रवर्ती ने बताया कि डी-डुप्लीकेशन नामक इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल पहली बार मतदाता सूची बनाते समय किया जाएगा । इस सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करने से फर्जी मतदाताओं की जांच करना बेहद आसान हो जाएगा ।
उन्होंने कहा कि इसके जरिये मतदाता की पहचान पिछले पंजीकृत वोटर के नाम, आयु और परिवार के नाम के साथ मिलान करके प्रमाणित की जाएगी, इसके बाद ही मतदाताओं की अंतिम सूची तैयार की जाएगी । अगर कोई गलती हो गई तो उसे जांच के दौरान सुधारा जाएगा ।
इसके अतिरिक्त, महिलाओं के मामले में विवाह के बाद स्थान बदलने का भी ध्यान रखा जाएगा । वैध मतदाताओं को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का मौका भी दिया जाएगा ।
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उन्होंने कहा कि इसके जरिये मतदाता की पहचान पिछले पंजीकृत वोटर के नाम, आयु और परिवार के नाम के साथ मिलान करके प्रमाणित की जाएगी, इसके बाद ही मतदाताओं की अंतिम सूची तैयार की जाएगी । अगर कोई गलती हो गई तो उसे जांच के दौरान सुधारा जाएगा ।
इसके अतिरिक्त, महिलाओं के मामले में विवाह के बाद स्थान बदलने का भी ध्यान रखा जाएगा । वैध मतदाताओं को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का मौका भी दिया जाएगा ।
